केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर हलचल तेज हो गई है। Google Trends पर “8th pay commission da merger” जैसे सर्च टर्म्स में भारी उछाल देखा जा रहा है, और इसकी बड़ी वजह है Bharat Pensioners Samaj (BPS) की वह सिफारिशें, जो हाल ही में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के सामने रखी गई हैं।
क्या है पूरा मामला?
7 अगस्त 2026 को Bharat Pensioners Samaj (BPS) के एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित चंदरलोक बिल्डिंग, जनपथ में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के सामने अपनी मांगें प्रस्तुत कीं। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व BPS अध्यक्ष श्री आर.के. चौहान और महासचिव श्री अविनाश राजपूत ने किया। बैठक में BPS की ओर से एक विस्तृत प्रेजेंटेशन के जरिए पेंशनरों से जुड़े प्रमुख मुद्दे आयोग के सामने रखे गए। खबरों के मुताबिक, आयोग की दूसरे दौर की चर्चाएं 10 अगस्त को नई दिल्ली में जारी रहने की जानकारी है, जिसमें आयोग अलग-अलग कर्मचारी व पेंशनर संगठनों से सुझाव ले रहा है।
वेतन और पेंशन से जुड़ी इस तरह की हर बड़ी अपडेट के लिए पहली खबर के बिजनेस सेक्शन पर नजर बनाए रखें, जहां आर्थिक और सरकारी नीतियों से जुड़ी खबरें सबसे पहले अपडेट होती हैं।
8th pay commission da merger: BPS की प्रमुख मांगें
- न्यूनतम बेसिक सैलरी: मौजूदा ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 करने की मांग, साथ ही 3.83 का फिटमेंट फैक्टर लागू करने का सुझाव।
- न्यूनतम पेंशन: मौजूदा ₹9,000 से बढ़ाकर ₹45,000 प्रति माह करने का प्रस्ताव।
- पेंशन को अंतिम वेतन का 67% और फैमिली पेंशन को अंतिम वेतन का 50% रखने की सिफारिश।
- वेतन और पेंशन में संशोधन का अंतराल 10 साल से घटाकर 5 साल करने की मांग।
- महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को हर छह महीने के बजाय हर तिमाही संशोधित करने का सुझाव, और DR के 25% से ऊपर जाने पर उसे बेसिक पेंशन में मर्ज करने की मांग — यही वह मांग है जिसे मीडिया में “DA मर्जर” कहा जा रहा है।
- पेंशनरों के लिए ₹5,000 का मेडिकल अलाउंस, और ग्रामीण व गैर-CGHS क्षेत्रों में कैशलेस हेल्थकेयर सुविधा की मांग।
- 60 वर्ष की उम्र में रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए कम्यूटेड पेंशन का हिस्सा बहाल होना 11 साल बाद या 71 वर्ष की उम्र पर, जो भी पहले हो।
5.2 फैमिली यूनिट का फॉर्मूला
न्यूनतम वेतन तय करने के लिए BPS ने परिवार की “वेटेड यूनिट” को 3 से बढ़ाकर 5.2 करने का सुझाव दिया है। इसकी गणना कुछ इस तरह प्रस्तावित है:
| सदस्य | यूनिट |
|---|---|
| कर्मचारी | 1.0 |
| पति/पत्नी | 1.0 |
| दो बच्चे | 0.8 + 0.8 |
| दो आश्रित माता-पिता | 0.8 + 0.8 |
| कुल | 5.2 |
एक नज़र में आंकड़े
| मुद्दा | वर्तमान | BPS की सिफारिश |
|---|---|---|
| न्यूनतम बेसिक सैलरी | ₹18,000 | ₹69,000 |
| फिटमेंट फैक्टर | — | 3.83 |
| न्यूनतम पेंशन | ₹9,000 | ₹45,000 |
| DA/DR संशोधन | हर 6 महीने | हर 3 महीने |
| मेडिकल अलाउंस | — | ₹5,000 |
BPS के बारे में
जनवरी 1955 में स्थापित Bharat Pensioners Samaj को Department of Pension & Pensioners’ Welfare और NITI Aayog से मान्यता प्राप्त है। संगठन Standing Committee of Voluntary Agencies (SCOVA) में भी प्रतिनिधित्व रखता है। BPS के देशभर में 245 सम्बद्ध संगठन हैं, और यह लगभग 10 लाख पेंशनरों के हितों का प्रतिनिधित्व करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
8th Pay Commission में न्यूनतम सैलरी कितनी होने की मांग है?
Bharat Pensioners Samaj ने न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 करने और 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की है।
पेंशनरों के लिए न्यूनतम पेंशन कितनी प्रस्तावित है?
BPS ने न्यूनतम पेंशन ₹9,000 से बढ़ाकर ₹45,000 प्रति माह करने का प्रस्ताव रखा है।
DA मर्जर का मतलब क्या है?
DA मर्जर का मतलब है कि जब महंगाई राहत (DR) 25% से ऊपर पहुंच जाए, तो उसे बेसिक पेंशन में जोड़ दिया जाए। BPS ने यह मांग रखी है, साथ ही DA/DR संशोधन को हर तिमाही करने का सुझाव भी दिया है।
क्या ₹69,000 सैलरी और ₹45,000 पेंशन मंजूर हो चुकी है?
नहीं, ये अभी सिर्फ BPS की सिफारिशें हैं। अंतिम फैसला 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट और केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद ही होगा।
ये खबरें भी पढ़ें
स्रोत: The Economic Times, StaffNews और GovtStaff.com की रिपोर्टों पर आधारित।