दिल्ली की हवा ने फिर सांस लेना मुश्किल कर दिया है। दिल्ली AQI एयर प्यूरीफायर की मांग इसी वजह से तेजी से बढ़ रही है। गुरुवार, 5 नवंबर की सुबह 8 बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 367 दर्ज किया गया — ‘बेहद खराब’ श्रेणी। यह लगातार चौथा दिन है जब दिल्ली की हवा इसी श्रेणी में बनी हुई है। कई इलाकों में हालात और भी बुरे हैं: जहांगीरपुरी में AQI 459, IIT दिल्ली में 447 और पंजाबी बाग में 446 तक पहुंच गया। दिल्ली के 59 निगरानी केंद्रों में से 18 पर हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई।
बुधवार, 4 नवंबर को दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 377 रहा था — पिछले 288 दिनों में सबसे ज्यादा। एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम का अनुमान है कि 6 और 7 नवंबर को भी हवा ‘बेहद खराब’ से ‘गंभीर’ के बीच रह सकती है। मौसम विभाग के अनुसार 8 नवंबर तक शुष्क मौसम बना रहेगा, यानी राहत अभी दूर है।

हवा क्यों हुई इतनी खराब?
इस बार प्रदूषण के पीछे कई कारण एक साथ जुड़े हैं। हवा की धीमी गति और गिरता तापमान प्रदूषकों को जमीन के करीब रोक रहा है। दिल्ली प्रदूषण स्रोत अध्ययन (DSS) के अनुसार बुधवार को पराली जलाने की हिस्सेदारी 20.2% और वाहनों से उत्सर्जन की हिस्सेदारी 15.5% रही। 4 नवंबर को छह राज्यों में उपग्रह से पराली की 467 आग देखी गईं। दिल्ली की हवा में PM2.5 सबसे बड़ा प्रदूषक बना हुआ है — 59 में से 53 निगरानी केंद्रों पर यही मुख्य प्रदूषक रहा। PM2.5 इतने बारीक कण होते हैं कि वे फेफड़ों में गहराई तक जाकर खून में भी घुल सकते हैं।
GRAP-2 लागू: क्या-क्या बंद, क्या खुला?
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण लागू कर दिया गया है। दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, सोनीपत और गौतम बुद्ध नगर के सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% कर्मचारी ही दफ्तर आएंगे, बाकी घर से काम करेंगे। ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नीति के तहत बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र के गाड़ियों में ईंधन नहीं मिलेगा। निर्माण कार्यों पर भी रोक लगी है।
जहरीली हवा से बचने के 7 उपाय
- N95 मास्क पहनें: बाहर निकलते वक्त साधारण कपड़े का मास्क काफी नहीं है। N95 या समकक्ष मास्क PM2.5 कणों को रोकता है।
- सुबह की सैर टालें: सुबह के वक्त प्रदूषण सबसे ज्यादा होता है। धूप निकलने के बाद या शाम को ही बाहर निकलें, और भारी व्यायाम घर के अंदर करें।
- घर के अंदर हवा साफ रखें: दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें, खासकर सुबह और रात में। अगर एयर प्यूरीफायर है तो उसे बेडरूम में चलाएं — वहीं आप 7-8 घंटे लगातार सांस लेते हैं।
- बच्चे और बुजुर्ग खास ध्यान रखें: अस्थमा या सांस की तकलीफ वाले लोगों के लिए यह समय सबसे खतरनाक है। उनकी दवाएं साथ रखें और लक्षण बढ़ें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- पानी ज्यादा पिएं: पर्याप्त पानी पीने से शरीर प्रदूषकों को बाहर निकालने में मदद करता है। गुनगुना पानी और भाप लेना भी राहत देता है।
- घर में पौधे लगाएं: पौधे हवा को पूरी तरह साफ नहीं करते, लेकिन इनडोर वातावरण को बेहतर बनाते हैं।
- AQI रोज चेक करें: बाहर जाने से पहले CPCB या मौसम ऐप पर अपने इलाके का AQI जरूर देखें।
दिल्ली AQI एयर प्यूरीफायर: खरीद रहे हैं? ये 5 बातें पहले समझ लें
प्रदूषण बढ़ते ही एयर प्यूरीफायर की मांग बढ़ जाती है, लेकिन गलत चुनाव पैसे की बर्बादी है। खरीदने से पहले ये बातें जान लें:
- दिल्ली AQI एयर प्यूरीफायर में HEPA H13 फिल्टर जरूरी: असली HEPA फिल्टर वही है जो H13 ग्रेड का हो — यह 0.3 माइक्रोन के कणों का 99.95% तक रोकता है। ‘HEPA-टाइप’ या ‘HEPA-जैसा’ लिखने वाले फिल्टर असली HEPA नहीं होते।
- CADR कमरे के हिसाब से चुनें: CADR यानी क्लीन एयर डिलीवरी रेट — यह बताता है कि प्यूरीफायर कितनी तेजी से हवा साफ करता है। एक आसान नियम: कमरे का क्षेत्रफल (वर्ग फुट) × 0.75 = कम से कम CADR (m³/h)। बेडरूम (120–150 वर्ग फुट) के लिए 150–225 और लिविंग रूम (250–350 वर्ग फुट) के लिए 300–525 CADR ठीक रहता है।
- एक्टिवेटेड कार्बन भी देखें: सिर्फ HEPA धूल और PM2.5 रोकता है। खाना पकाने की गंध, धुएं और VOC के लिए एक्टिवेटेड कार्बन परत जरूरी है।
- शोर का स्तर: बेडरूम के लिए स्लीप मोड में 25–30 dB से कम शोर वाला मॉडल चुनें, वरना रात की नींद खराब होगी।
- फिल्टर की कीमत भी गिनें: प्यूरीफायर की असली कीमत उसकी खरीद नहीं, उसके फिल्टर हैं। प्रदूषित शहरों में फिल्टर 6–9 महीने में बदलना पड़ता है — सालाना खर्च पहले से जान लें।
एक और जरूरी बात: दिल्ली AQI एयर प्यूरीफायर चुनते वक्त ‘कवरेज एरिया’ के दावे पर भरोसा न करें — वह अधिकतम फैन स्पीड पर मापा जाता है, जिस पर कोई सो नहीं सकता। CADR ही वह संख्या है जो झूठ नहीं बोलती।
कब मिलेगी राहत?
फिलहाल राहत की कोई तारीख नहीं है। हवा की गति बढ़ने और बारिश होने पर ही AQI में गिरावट की उम्मीद है। तब तक, मास्क, घर के अंदर साफ हवा और AQI पर नजर — यही तीन हथियार हैं जो आपके पास हैं। दिल्ली की यह जहरीली हवा हर साल लौटती है, इसलिए इस बार की तैयारी अगले साल भी काम आएगी।

