
जम्मू शिव मार्केट आग ने रविवार रात जम्मू शहर में अफरा-तफरी मचा दी। जम्मू रेलवे स्टेशन के सामने स्थित शिव मार्केट में रविवार रात करीब 10:30 बजे भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते बाजार की कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक करीब 35 से 40 दुकानें और एक होटल जलकर खाक हो गए, जिससे कारोबारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
तेजी से फैली आग, 5 घंटे तक चला अभियान
शिव मार्केट जम्मू रेलवे स्टेशन के सामने स्थित एक प्रमुख व्यावसायिक इलाका है। यहां ड्राई फ्रूट्स, कंबल और कपड़ों की दुकानों के अलावा ढाबे, खाने-पीने के प्रतिष्ठान और होटल भी हैं। आग लगने के बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई और आसमान में धुएं के घने गुबार दिखाई देने लगे। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकानदारों को अपना सामान निकालने का पर्याप्त मौका नहीं मिला।
आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन बाजार तक पहुंचने का रास्ता संकरा होने के कारण दमकलकर्मियों को काफी परेशानी हुई। जम्मू के उपायुक्त के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक घटनास्थल पर 20 से अधिक दमकल गाड़ियां तैनात थीं। कई घंटों की मशक्कत के बाद सोमवार तड़के करीब 3:15 बजे आग पर काबू पाया गया।
कितनी दुकानें जलीं? शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े
नुकसान को लेकर अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में अलग-अलग संख्या बताई गई है। India Today और The Times of India की रिपोर्टों में लगभग 35 से 40 दुकानों के जलने का अनुमान दिया गया है, जबकि NDTV की शुरुआती रिपोर्ट में 15 से अधिक दुकानों और एक होटल के जलने की जानकारी दी गई। Times Now Navbharat ने करीब 25 से 30 दुकानों के जलने की बात कही। इन आंकड़ों में अंतर को देखते हुए फिलहाल किसी एक संख्या को अंतिम नुकसान मानना उचित नहीं होगा। वास्तविक स्थिति का पता प्रशासनिक आकलन और प्रभावित प्रतिष्ठानों की जांच के बाद ही चल सकेगा।
आग का कारण और आगे क्या
शुरुआती जांच में आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बीजेपी विधायक विक्रम रंधावा के अनुसार भी आग एक दुकान में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी, लेकिन आग के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। घनी आबादी और दुकानों के पास-पास होने के कारण आग तेजी से फैली। अब सबकी नजर नुकसान के आकलन और प्रभावित कारोबारियों की मदद पर है।
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स्रोत: महुआ खबर की रिपोर्ट और News Vexa की रिपोर्ट।

