
अगर आप चीन घूमने, पढ़ने या कारोबार के सिलसिले में जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो आज से आपकी तैयारी का एक अहम हिस्सा बदल गया है। 26 अक्टूबर 2026 से चीन के लिए वीजा आवेदन की प्रक्रिया सीधे उसके दूतावास और वाणिज्य दूतावास के हाथ में आ गई है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता के वीजा आवेदन केंद्र अब नए आवेदन नहीं लेंगे। यानी अब पुराने रास्ते से आवेदन करने की कोशिश बेकार जाएगी। इस लेख में हम आसान भाषा में समझ रहे हैं कि क्या बदला है, किसे कहां आवेदन करना है और आवेदन की पूरी प्रक्रिया क्या होगी।
क्या बदला है?
चीनी दूतावास ने 22 अक्टूबर को जारी सूचना में कहा था कि 26 अक्टूबर से दिल्ली, मुंबई और कोलकाता के चीनी वीजा आवेदन केंद्र नए वीजा और कांसुलर विधायन (दस्तावेजों की कानूनी पुष्टि) के आवेदन स्वीकार नहीं करेंगे। इसके बजाय नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास और मुंबई स्थित चीनी महावाणिज्य दूतावास सीधे आवेदन लेंगे और उनका निपटान करेंगे।
एक राहत की बात यह है कि जिन लोगों ने पहले से दस्तावेज जमा कर रखे हैं, वे अपने तैयार दस्तावेज 30 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे तक मौजूदा केंद्रों से ले सकते हैं। इसके बाद पुराने केंद्रों से दस्तावेज लेना संभव नहीं होगा, इसलिए जिनका काम अटका है, वे इस तारीख का ध्यान रखें।
किस राज्य के आवेदक को कहां जाना है?
नई व्यवस्था में आवेदन की जगह आपके रहने के स्थान पर निर्भर करती है। इसे इस तरह समझें:
- महाराष्ट्र और कर्नाटक के निवासी: मुंबई स्थित चीनी महावाणिज्य दूतावास में आवेदन करेंगे।
- पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के निवासी: अस्थायी रूप से नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास में आवेदन करेंगे। पहले इन राज्यों का काम कोलकाता वाणिज्य दूतावास के क्षेत्र में आता था, अब वह काम अस्थायी तौर पर दिल्ली को सौंपा गया है।
- बाकी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के निवासी: नई दिल्ली स्थित चीनी दूतावास में आवेदन करेंगे।
कांसुलर विधायन के मामले में क्षेत्र का निर्धारण दस्तावेज जारी होने की जगह से भी जुड़ा हो सकता है, इसलिए आवेदन से पहले दूतावास की विस्तृत सूचना जरूर पढ़ें। हांगकांग या मकाऊ जाने वालों के लिए यह व्यवस्था लागू नहीं होती; उनके लिए संबंधित आव्रजन प्राधिकरणों की अलग प्रक्रिया देखनी होगी।
नई प्रक्रिया क्या है?
नई प्रक्रिया में पहला कदम ऑनलाइन है। आवेदक को चीन के विदेश मंत्रालय के कांसुलर पोर्टल पर आवेदन फॉर्म भरना होगा और सहायक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। ऑनलाइन समीक्षा पूरी होने के बाद ई-मेल से प्रारंभिक मंजूरी की सूचना मिलेगी। इसके बाद 30 दिनों के भीतर पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज निर्धारित मिशन में व्यक्तिगत रूप से जमा करने होंगे। जहां जरूरी होगा, वहां फिंगरप्रिंट भी लिए जाएंगे।
आवेदन के लिए कौन-से दस्तावेज चाहिए?
आम तौर पर पासपोर्ट की वैधता छह महीने से ज्यादा होनी चाहिए और उसमें कम से कम दो खाली पन्ने होने चाहिए। साथ में हाल की तस्वीरें और पासपोर्ट विवरण की प्रतियां चाहिए। पर्यटक वीजा के लिए यात्रा कार्यक्रम, होटल बुकिंग और वापसी की उड़ान की जानकारी मांगी जाती है। साथ ही छह महीने के बैंक विवरण भी चाहिए, जिनमें औसत मासिक शेष कम से कम एक लाख रुपये दिखे, या इसी राशि का जमा प्रमाणपत्र। कारोबार, ट्रांजिट, रोजगार और छात्र वीजा के लिए अतिरिक्त दस्तावेज अलग-अलग होते हैं, इसलिए अपनी श्रेणी के हिसाब से सूची जरूर मिलाएं।
यात्रियों के लिए 5 जरूरी सलाह
- आवेदन करने से पहले दूतावास की आधिकारिक सूचना पढ़ लें, क्योंकि शुल्क और प्रक्रिया में बदलाव की बात भी कही गई है।
- पुराने वीजा केंद्र पर जाकर समय बर्बाद न करें — वहां 26 अक्टूबर से नए आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं।
- ऑनलाइन मंजूरी मिलने के बाद 30 दिन की समय-सीमा का ध्यान रखें।
- अगर आपके दस्तावेज पहले से केंद्र में जमा हैं, तो 30 अक्टूबर दोपहर 12 बजे से पहले उन्हें ले लें।
- किसी एजेंट के भरोसे पूरी प्रक्रिया न छोड़ें; अपने आवेदन की स्थिति खुद भी जांचते रहें।
सवाल-जवाब
क्या पहले से जमा आवेदन रद्द हो जाएंगे? नहीं, तैयार दस्तावेज 30 अक्टूबर तक लिए जा सकते हैं।
क्या अब वीजा पाना मुश्किल हो जाएगा? प्रक्रिया का रास्ता बदला है, पात्रता की शर्तें पहले जैसी ही हैं। सीधे दूतावास में आवेदन का मतलब यह नहीं है कि हर आवेदन मंजूर होगा या हर आवेदन खारिज होगा।
क्या कोलकाता के आवेदकों को अब हमेशा दिल्ली जाना होगा? अभी की सूचना के मुताबिक यह व्यवस्था अस्थायी है। आगे कोई नई सूचना आती है तो हम उसे भी बताएंगे।
चीन की यात्रा की योजना बनाने वालों के लिए संदेश साफ है — पुरानी आदत छोड़िए, नई व्यवस्था समझिए और समय रहते आवेदन कीजिए। सही जगह पर सही दस्तावेज के साथ किया गया आवेदन ही आपकी यात्रा को आसान बनाएगा।
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स्रोत: Esquire India | Travel Biz Monitor

