प्रश्न: क्या हुआ? जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में 17 अक्टूबर की सुबह भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश नाकाम कर दी। केरन सेक्टर घुसपैठ नाकाम इस कार्रवाई में दो आतंकी मारे गए। सेना के सूत्रों के मुताबिक, इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई और घुसपैठिया सीमा पार नहीं कर पाया है।
प्रश्न: मुठभेड़ कब और कैसे हुई? IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह करीब 3:30 बजे सेना के जवानों ने केरन सेक्टर के जुमगुंड इलाके में संदिग्ध हलचल देखी। जवानों ने घुसपैठियों को चेतावनी (चैलेंज) दी, जिसके बाद दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई। करीब 10-15 मिनट की इस मुठभेड़ में दो घुसपैठी मारे गए।
प्रश्न: मारे गए आतंकियों की पहचान हुई? सेना के सूत्रों के मुताबिक, दोनों मारे गए आतंकियों के शव LoC के दूसरी तरफ पड़े हैं — गोली लगने के बाद वे पाकिस्तानी सीमा की ओर लौटने की कोशिश कर रहे थे। सेना ने इन घुसपैठियों के किसी आतंकी संगठन से जुड़ाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए संगठन को लेकर कोई दावा नहीं किया जाना चाहिए।

प्रश्न: अब क्या हो रहा है? मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके को घेर लिया गया है। सेना का सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है ताकि यह पता चल सके कि इस समूह में और लोग थे या नहीं। जुमगुंड के आसपास के पूरे क्षेत्र को कॉर्डन में रखा गया है।
प्रश्न: यह इलाका कितना संवेदनशील है? कुपवाड़ा कश्मीर घाटी में LoC के करीब 740 किलोमीटर लंबे हिस्से का हिस्सा है — इसमें कुपवाड़ा, बांदीपोरा और बारामुला जिले शामिल हैं, जबकि जम्मू संभाग में राजौरी, पुंछ और जम्मू जिले का हिस्सा है। सेना यहां लगभग 550 किलोमीटर लंबी बहु-स्तरीय बाड़ (anti-infiltration obstacle system) के जरिए निगरानी रखती है।
प्रश्न: क्या यह कोई अलग घटना है? नहीं — यह हाल की एक श्रृंखला का हिस्सा है। इससे पहले 16-17 सितंबर की रात को उधमपुर के ब्रत्तल इलाके में व्हाइट नाइट कोर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के संयुक्त अभियान में दो आतंकी मारे गए थे। 12 सितंबर को डोडा के सायोजधार इलाके में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक पाकिस्तानी आतंकी का सड़ा-गला शव मिला था, जिसके पास से M4 कार्बाइन राइफल भी बरामद हुई थी।
*नोट: यह खबर IANS और इंडिया टुडे सहित कई राष्ट्रीय मीडिया आउटलेट्स की रिपोर्टों के आधार पर लिखी गई है। सर्च ऑपरेशन से जुड़े ताजा अपडेट के लिए आधिकारिक बयानों पर ध्यान दें।*
स्रोत: IANS | The Daily Jagran
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