नई दिल्ली, 7 नवंबर 2026: दिवाली से ठीक पहले सेंसेक्स निफ्टी रैली ने भारतीय शेयर बाजार में इतिहास रच दिया है। शुक्रवार (6 नवंबर) को सेंसेक्स 1,718 अंक उछलकर 81,028 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 494 अंक की बढ़त के साथ 25,030 पर पहुंच गया। पूरे हफ्ते में सेंसेक्स 8.82 प्रतिशत और निफ्टी 8.58 प्रतिशत चढ़ा — एक साल से भी ज्यादा समय की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त।
शुक्रवार का सत्र इस रैली का सबसे चमकदार दिन रहा। सेंसेक्स 1,718.01 अंक यानी 2.17 प्रतिशत की मजबूती के साथ 81,028.02 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 493.75 अंक यानी 2.01 प्रतिशत चढ़कर 25,030.35 पर पहुंच गया। यह लगातार सातवां कारोबारी सत्र था, जब बाजार बढ़कर बंद हुआ। पिछले सात कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 7,782 अंक यानी 10.6 प्रतिशत चढ़ा है — 1992 में एनएसई में मुहूर्त ट्रेडिंग की शुरुआत के बाद से दिवाली से पहले की यह सबसे बड़ी सात-दिवसीय तेजी मानी जा रही है।
इस रैली से पहले बाजार कई हफ्तों से दबाव में था। अक्टूबर में विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा कमजोर कर दी थी। लेकिन इस हफ्ते की जोरदार खरीदारी ने उस निराशा को पलट दिया — और दिवाली से पहले निवेशकों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है।
सेंसेक्स निफ्टी रैली के पीछे 5 बड़ी वजहें
1. विदेशी निवेशकों की जोरदार वापसी: इस रैली की सबसे बड़ी ताकत विदेशी निवेशकों की खरीदारी रही। अक्टूबर में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों से 52,100 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी, लेकिन अब वे एक बार फिर भारतीय बाजार में लौटे हैं, जिससे बाजार की धारणा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
2. मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था: घरेलू आर्थिक संकेतक मजबूत बने हुए हैं। त्योहारी सीजन में रिकॉर्ड बिक्री और खपत ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
3. वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत: वैश्विक स्तर पर अनुकूल माहौल ने भी भारतीय बाजार को सहारा दिया। दुनिया भर के बाजारों में स्थिरता से जोखिम लेने की भूख बढ़ी है।
4. मजबूत तिमाही नतीजे: कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। एचडीएफसी बैंक का शुद्ध मुनाफा 19,510 करोड़ रुपये रहा, जिससे बैंकिंग शेयरों में मजबूती आई।
5. रुपये में मजबूती: रुपये में भी हाल के हफ्तों में मजबूती दिखी है — रुपया डॉलर के मुकाबले 94.96 के स्तर पर बंद हुआ था, जो सात महीने की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त थी। इससे विदेशी निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है।

निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है
जिन निवेशकों ने गिरावट में धैर्य रखा, उनके पोर्टफोलियो में इस हफ्ते अच्छी-खासी बढ़त दर्ज हुई है। लेकिन जानकारों का कहना है कि इतनी तेज रैली के बाद कुछ मुनाफावसूली भी आ सकती है। छोटे निवेशकों के लिए सबक साफ है — बाजार में बने रहना और लंबी अवधि का नजरिया रखना ही सबसे बड़ा हथियार है। एक हफ्ते की तेजी देखकर जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए। इस सेंसेक्स निफ्टी रैली से साफ है कि धारणा बदलते ही बाजार कितनी तेजी से पलट सकता है।
आगे क्या — दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग पर रहेगी नजर
दिवाली (8 नवंबर) के दिन मुहूर्त ट्रेडिंग का विशेष सत्र होगा, जिस पर सबकी नजर रहेगी। जानकारों का मानना है कि त्योहारी मांग, विदेशी निवेशकों का रुख और वैश्विक संकेत आगे की दिशा तय करेंगे। निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता जरूर आंकें — यह लेख जानकारी के उद्देश्य से है, निवेश सलाह नहीं।
स्रोत: The News | Ujjwal Bhoomi

